ओझल असली चेहरे।
हाड़ मांस की देह, और, उस देह की दीवार पर, खूंटी पर लटका, निर्जीव सा, बनावटी फ्रेम है; मनुष्य का चेहरा। मृत मानवता की ओट में, छिपा हुआ असली चेहरा ढूंढता होगा शायद.. अपने ही समकक्ष, हाड़ मांस की देह पर, ओझल असली चेहरों को। #कुन्दन_कृति।