बेरोजगारी के चरम दौर में भी युवाओं के लिए मिशाल बने गैरसैंण के हरेंद्र शाह....
ऐसे दौर में जब बेरोजगारी अपने चरम पर है और रही सही कसर कोरोना ने पूरी कर दी। युवा नौकरी के लिए दर - दर भटक रहे हैं। पढ़े - लिखे युवा भी बेरोजगार बैठकर सरकारों के भरोसे बैठे हुए हैं। तब एक युवा जो कक्षा 12th विज्ञान वर्ग से उत्तीर्ण है। जिसके पास डी ए वी देहरादून से बीएससी की डिग्री है। अपने ही घर पर सब्जियां उगाकर ना सिर्फ खुद का रोजगार शुरू किया बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहा है। मै बात कर रहा हूं मेरे मित्र हरेंद्र शाह की। इंटरमीडिएट की परीक्षा हम दोनों ने साथ ही उत्तीर्ण की थी। उसके बाद उच्च शिक्षा के लिए हरेंद्र देहरादून गए , कुछ वर्षों तक अन्य नौकरियां भी की, लेकिन अंत में उन्होंने खुद का रोजगार शुरू करने का फैसला किया। करीब एक वर्ष पहले उन्होंने अपने ही गांव ( सिलंगा) के पास अपनी बंजर जमीन को खोदकर सब्जियां उगानी शुरू की, और आज उनकी कठिन मेहनत और लगन का परिणाम हम सब के सामने है। भारी मात्रा में विभिन्न प्रकार की सब्जियां ( लौकी, कद्दू, शिमला मिर्च, टमाटर, बैंगन, खीरा) आदि को वे ना सिर्फ आर्गेनिक तरीके से उत्पादन कर रहे हैं, बल्कि सब्...